ऐप में मुफ़्त
कार्ड स्कैन कीजिए। आदमी याद रह जाएगा।
आप किसी दुकान के सामने खड़े हैं और हाथ में कार्ड है। टाइप करने में आधा मिनट लगता है और फिर भी नाम की स्पेलिंग गलत हो जाती है। उसकी जगह कैमरा कीजिए। नाम, नंबर और कंपनी अपने आप निकल आते हैं।
कार्ड आपके फ़ोन के अंदर ही पढ़ा जाता है। उसकी फ़ोटो समझने के लिए कहीं भेजी नहीं जाती, इसलिए कमज़ोर सिग्नल में भी काम नहीं रुकता।
कार्ड कैसे स्कैन करें
चौथा कदम वही है जिसे लोग छोड़ देते हैं, और छह महीने बाद वही सबसे ज़्यादा काम आता है।
- 1. Ahoyy खोलिए, प्लस का बटन दबाइए और स्कैन चुनिए।
- 2. कार्ड को सीधा रखिए और स्क्रीन के फ्रेम में पूरा भर दीजिए।
- 3. जो निकला है उसे देख लीजिए। छपाई छोटी या चमकीली हो तो एक-दो अक्षर सुधार दीजिए।
- 4. यह लिखिए कि आप उनसे कहां मिले और क्यों सेव किया, फिर सेव कर दीजिए।
यह सिर्फ़ छपे हुए कार्ड नहीं पढ़ता
- • दुकान के बोर्ड और शटर पर लिखा नंबर, जब कार्ड होता ही नहीं।
- • बैनर, होर्डिंग और दीवार पर लिखा नंबर।
- • बिल या परचे पर हाथ से लिखा नंबर।
- • ऐसे कार्ड जिन पर हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों लिखी हो।
- • ऐसे कार्ड जिन पर नाम बड़े लोगो के नीचे दबा हो, जहां आम टेक्स्ट ऐप अटक जाते हैं।
स्कैन करना आसान है। याद रखना मुश्किल है।
ज़्यादातर स्कैनर फ़ोटो को अक्षरों में बदलकर आपकी फ़ोनबुक में डाल देते हैं। इसी से फ़ोन में राजू एसी और राजू एसी 2 पड़े रहते हैं, और यह याद नहीं रहता कि घर कौन आया था।
Ahoyy आदमी के साथ जगह भी सेव करता है। वह अंदाज़ा लगाता है कि आप कहां हैं, और आप ठीक उसी दुकान को खोजकर पिन लगा सकते हैं। एक लाइन लिख दीजिए कि क्यों सेव किया। बाद में आप अडाजण या पंखे की मरम्मत खोजते हैं और सही आदमी सामने आ जाता है।

आपकी फ़ोनबुक साफ़ रहती है
स्कैन किए हुए कार्ड Ahoyy में जाते हैं, आपके निजी कॉन्टैक्ट्स में नहीं। फ़ोनबुक उन्हीं लोगों की लिस्ट रहती है जिन्हें आप सच में फ़ोन करते हैं। बाकी सब Ahoyy में रहते हैं, नोट और जगह के साथ, और खोजने पर मिल जाते हैं।
पुराने नंबर भी लाने हों तो फ़ोनबुक से इम्पोर्ट कर सकते हैं। Ahoyy बता देता है कि कौन से नंबर दुकान या सर्विस के लगते हैं, और जो पहले से हैं उन्हें छोड़ देता है।
आपके स्कैन के साथ हम क्या नहीं करते
हम आपके स्कैन किए हुए नंबर बेचते नहीं, और उनसे कोई पब्लिक कॉलर आईडी लिस्ट नहीं बनाते। जिन्हें आप स्कैन करते हैं वे आपके अकाउंट में ही रहते हैं। नियम बस इतना है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- क्या विजिटिंग कार्ड स्कैनर मुफ़्त है?
- हां। कार्ड स्कैन करना और नंबर सेव करना मुफ़्त है, न कोई गिनती है न कोई सब्सक्रिप्शन।
- क्या यह बिना इंटरनेट के चलता है?
- कार्ड आपके फ़ोन में ही पढ़ा जाता है, इसलिए सिग्नल न होने पर भी स्कैन हो जाता है। जो आपने सेव किया वह अगली बार ऑनलाइन आने पर आपके अकाउंट में सिंक हो जाता है।
- क्या यह भारतीय नाम सही पढ़ता है?
- यह भारतीय कार्ड के हिसाब से बना है। आम नामों के तरीके, दस अंकों के नंबर देश के कोड के साथ या बिना, और हिंदी-अंग्रेज़ी मिले कार्ड यह संभाल लेता है। छोटी या चमकीली छपाई में एक अक्षर सुधारना पड़ सकता है, इसलिए सेव करने से पहले वह नतीजा हमेशा दिखाता है।
- क्या यह कार्ड की जगह दुकान का बोर्ड पढ़ सकता है?
- हां। बोर्ड, बैनर या हाथ से लिखे नंबर पर कैमरा कीजिए, यह उसी तरह नंबर निकाल लेता है।
- स्कैन किए हुए नंबर कहां जाते हैं?
- आपके Ahoyy अकाउंट में, फ़ोन के कॉन्टैक्ट्स में नहीं। बाद में जिसे चाहें उसे अपनी फ़ोनबुक में भेज सकते हैं।
- क्या दो लोगों वाला कार्ड स्कैन हो सकता है?
- हां, और दोनों की डिटेल रख सकते हैं। सेव करने से पहले देख लीजिए, क्योंकि दो नाम वाले कार्ड में सुधार की ज़रूरत सबसे ज़्यादा पड़ती है।
आगे पढ़ें: अपना कार्ड बनाएं, फ़ोनबुक साफ़ कीजिए, अपनी दुकान ऑनलाइन लाएं.