बनाना मुफ़्त
आपका विजिटिंग कार्ड, हमेशा जेब में
डिजिटल विजिटिंग कार्ड आपका कार्ड ही है, बस एक वेब पेज की तरह। आप लिंक भेजते हैं, सामने वाला टैप करता है, और उसके ब्राउज़र में आपका नाम, नंबर और काम खुल जाता है। कुछ छपवाना नहीं। उनके फ़ोन में कुछ डालना भी नहीं।
नंबर या दुकान का पता बदले तो आप पेज बदल देते हैं। लिंक वही रहता है। जिन लोगों को आपने पहले कार्ड दिया था, उन्हें भी नया पता और नया नंबर दिखता है।

आपको क्या मिलता है
- • एक पेज, जिस पर आपका नाम, फ़ोटो, काम और फ़ोन नंबर होता है।
- • कॉल का बटन और WhatsApp का बटन, जो सीधे खुलते हैं।
- • सेव कॉन्टैक्ट का बटन, ताकि आपका नाम सही स्पेलिंग में उनके फ़ोन में जाए।
- • उसी पेज का QR कोड, जिसे बोर्ड, शटर या कागज़ के कार्ड पर छपवा सकते हैं।
- • एक लिंक, जिसे आप WhatsApp के अबाउट, Instagram की बायो या ईमेल के नीचे लगा सकते हैं।

एक मिनट में बनाइए
बस इतना ही है। न प्रेस के चक्कर, न 500 कार्ड का मिनिमम ऑर्डर, न इंतज़ार।
- 1. वेब पर या Ahoyy ऐप में कार्ड मेकर खोलिए और Google से साइन इन कीजिए।
- 2. अपना नाम, अपना काम और अपना फ़ोन नंबर लिखिए।
- 3. एक टेम्पलेट चुनिए। बाद में बदल सकते हैं, लिंक वही रहेगा।
- 4. शेयर दबाइए। लिंक WhatsApp पर भेजिए, या QR कोड दिखा दीजिए।
कागज़ का कार्ड या डिजिटल कार्ड
| एक कार्ड की लागत | कागज़: हर छपाई पर पैसे। डिजिटल: मुफ़्त, और एक ही कार्ड सबके लिए। |
|---|---|
| नंबर बदल गया | कागज़: पूरा डिब्बा दोबारा छपवाइए। डिजिटल: एक बार बदलिए, लिंक वही रहता है। |
| कार्ड खत्म हो गए | कागज़: हमेशा गलत मौके पर। डिजिटल: खत्म हो ही नहीं सकता। |
| नंबर सेव होना | कागज़: वे बाद में टाइप करेंगे, या कभी नहीं करेंगे। डिजिटल: एक टैप में सेव। |
| दाम और फ़ोटो | कागज़: जगह ही नहीं। डिजिटल: जितनी चाहें उतनी। |
दुकान वालों और काम पर जाने वालों के लिए
दुकान चलाते हैं या फ़ोन पर काम लेते हैं, तो कार्ड पर अपनी रेट लिस्ट भी रख सकते हैं। हर सर्विस के साथ दाम लिखिए: फिक्स, प्रति घंटा, शुरुआत कितने से, या पूछने पर। ग्राहक फ़ोन करने से पहले ही दाम देख लेता है, इसलिए "कितना लगेगा" वाली कॉलें कम हो जाती हैं।
उसी पेज पर अपना UPI QR कोड भी लगा सकते हैं, ताकि ग्राहक जो पेज देख रहा है वहीं से पैसे भेज दे। Ahoyy आपके और पैसे के बीच में नहीं आता। हम कोई कमीशन नहीं लेते।

पूरा हिंदी में चलता है
ऐप की भाषा सेटिंग्स से हिंदी कर दीजिए। कैटेगरी, सर्विस के नाम और आपके स्टाफ़ की स्क्रीन सब हिंदी में हो जाती हैं। आपके ग्राहक को आपका पेज उसी भाषा में दिखता है जो वह आराम से पढ़ लेता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- क्या डिजिटल विजिटिंग कार्ड सच में मुफ़्त है?
- हां। कार्ड बनाना, शेयर करना और QR कोड लेना, इन सबका कोई पैसा नहीं है। पैसे सिर्फ़ अलग चीज़ों के लगते हैं, जैसे महीने में डायरेक्टरी से बहुत सारे कॉन्टैक्ट खोलना।
- क्या सामने वाले को ऐप डालनी पड़ेगी?
- नहीं। आपका कार्ड एक आम वेब पेज है। उनके फ़ोन में जो ब्राउज़र है उसी में खुलता है। वे सेव कॉन्टैक्ट दबाते हैं और आप उनके फ़ोन में आ जाते हैं।
- मेरा फ़ोन नंबर बदल जाए तो क्या होगा?
- कार्ड में नंबर बदलकर सेव कर दीजिए। लिंक और QR कोड बिल्कुल वही रहते हैं, इसलिए जिनके पास पहले से हैं उन्हें नया नंबर दिख जाता है।
- क्या मैं कागज़ के कार्ड भी बांट सकता हूं?
- हां, और बहुत लोग दोनों करते हैं। कागज़ के कार्ड पर अपना QR कोड छपवा लीजिए। कागज़ से लोग याद रखते हैं, QR से नंबर सही सेव होता है।
- क्या एक कार्ड पर दो नंबर रख सकते हैं?
- हां। एक कार्ड पर एक से ज़्यादा नंबर रह सकते हैं। जब दुकान दो लोग मिलकर चलाते हैं या काम का नंबर अलग रखते हैं, तब यह काम आता है।
- मेरा कार्ड कौन देख सकता है?
- सिर्फ़ वे लोग जिन्हें आप लिंक या QR कोड देते हैं। आपका निजी कार्ड पेज जानबूझकर सर्च रिज़ल्ट से बाहर रखा जाता है, क्योंकि फ़ोन नंबर Google में नहीं पड़े रहने चाहिए।
अगले एक मिनट में अपना कार्ड बनाइए
बनाना मुफ़्त, भेजना मुफ़्त, और यह कभी खत्म नहीं होता।
मुफ़्त शुरू करेंआगे पढ़ें: दुकान के लिए QR कोड, विजिटिंग कार्ड स्कैनर, अपनी दुकान ऑनलाइन लाएं.